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Jul 4, 2011
Indian Lunn With Vibrator Twist
Jul 3, 2011
Desi Erotic Story : मेरी प्यास बुझाओगे क्या?
मेरी प्यास बुझाओगे क्या?
प्रेषक - निखिल
नमस्ते दोस्तों।
मेरा नाम निखिल है। मैं मुम्बई का रहने वाला हूँ और मेरे बड़े भाई बंगलौर में एक सॉफ्टवेयर कम्पनी में कार्यरत हैं। भैया की शादी आज से क़रीब २ वर्ष पूर्व हुई थी।
मुम्बई में मैं अकेला रहता था। अचानक मुझे बंगलौर जाना पड़ा क्योंकि मेरी नौकरी वहाँ लग गई थी। वहाँ पर भैया थे तो मैं उनके घर पर ही रहता था। मेरी भाभी को मैंने सिर्फ़ ३ बार देखा था। इसलिए हमारी दोस्ती कमज़ोर थी।
एक दिन भैया को विदेश जाना पड़ा। भैया मुझे कहकर गए- तुम भाभी का ध्यान रखना। घर में सिर्फ़ तुम दोनों ही हो।
मैंने कहा- ठीक है भैया।
मैं सुबह सुबह भैया को एयरपोर्ट पर छोड़ने गया।
जब आया तो भाभी नहाने चली गई थी। मैंने ज़ोरों से कई बार घण्टी बजाई, तो काफी देर बाद दरवाज़ा खुला। भाभी केवल तौलिए में थी। यह नज़ारा देखकर मेरा दिमाग़ ख़राब हो गया। मेरे मन में ख्याल आया कि मैं भाभी की प्यास बुझा दूँ। मैं अन्दर गया तो भाभी ने नाश्ता बना रखा था। नाश्ते के बाद हम ऑफिस के लिए निकल गए। जाते समय भाभी ने कहा- आज रात का खाना होटल में खाएँगे।
मैंने कहा- ठीक है।
रात को जब हम दोनों होटल जा रहे थे। मेरे पास बाईक थी। उस पर सिर्फ हम दोनों बैठे थे। भाभी की चूचियाँ मेरी पीठ से छू रहीं थीं। होटल में भाभी ने ऑर्डर दिया।
खाना खाने के बाद हम घर आए, तो भाभी अपने कमरे में चली गई। मैं टीवी देखने लग गया।
इतने में भाभी आई, बोली- तुम्हें नींद नहीं आ रही है क्या?
मैंने कहा- हाँ।
मुझे भी नहीं आ रही है।
अचानक टीवी पर ब्लू-फिल्म आने लग गई। मैंने उसी वक्त टीवी बन्द कर दिया। भाभी ने मुझे देखा और मुस्कुराई। मेरे पसीने छूट गए।
भाभी बोली- इतनी ठंडी में तुम्हारे पसीने क्यों छूट रहे हैं?
भाभी ने कहा- तुमने कभी ब्लू-फिल्म नहीं देखी क्या?
मेरी बोलती बन्द हो गई थी। भाभी मेरे पास आकर बैठ गई। मुझ पर हाथ फेरने लगी। मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था। भाभी की नज़र मेरे लिंग पर ही थी, कहा - ये तो तुम्हारे भैया से भी मोटा और लम्बा मालूम होता है।
भाभी ने कहा- तुमने तो मुम्बई में बहुत सी लड़कियों की ली होगी ना?
मैंने कहा- नहीं भाभी।
भाभी ने कहा- तुम मेरी प्यास बुझाओगे क्या?
मैंने कहा- भैया को मालूम हो गया तो?
वह खड़ी हो गई और कहा- तुम मुझे कमरे में लेकर जाओ।
मैं उन्हें कमरे में ले गया और बिस्तर पर लिटा दिया। भाभी ने उनका साड़ी और ब्लाऊज़ निकाल दी। उन्होंने काले रंग की ब्रा और पैन्टी भी पहन रखी थी। भाभी की फिग़र ३६-२४-३२ का है। चूचियाँ तो गोल-गोल और कठोर थे कि हाथ में नहीं आ पा रहे थे। चूत पर एक भी बाल नहीं था।
मैंने मेरी पैन्ट खोली तो मेरा लण्ड बाहर आ गया। भाभी ने लण्ड मुँह में लिया और चूसने लग गई। भाभी मेरा लंड लॉलीपॉल की तरह चूस रही थी। मैंने भाभी की चूत पर अपनी जीभ रख दी। वो मदहोश होती जा रही थी। भाभी की आँखों में अजीब सा नशा था।
भाभी बोली- अपने लंड से आज मेरी इतनी चुदाई करो, इतनी चुदाई करो कि मेरी सालों की प्यास बुझ जाए।
मैंने भाभी को लिटा कर कहा- भाभी अब आप सिर्फ आँखें बन्द कर के मज़े लो।
भाभी की चूत एकदम लाल थी। मैंने अपना मोटा लंड भाभी की चूत पर रख दिया और अन्दर डालने लगा। भाभी ने अपने होंठों को दाँतों से दबा रखा था। उनको बहुत मज़ा आ रहा था। भाभी की चूत इतनी गरम थी कि मेरा लण्ड अन्दर की गर्मी पा कर और भी मोटा हो गया था। अब मैंने पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया और धक्के मारने लगा। भाभी अपनी कमर ऊपर उठा रही थी, और मेरा साथ दे रही थी।
लगभग ४० मिनट तक मैं भाभी को चोदता रहा।
भाभी ने मुझे कसकर पकड़ लिया और बोली- मेरा माल आने वाला है। मैं धक्का मार ही रहा था। मैंने सोचा कि भाभी झड़ने वाली है। मैं भी साथ में झड़ जाऊँ।
मगर वो बोली- बस करो।
वह हाँफ रही थी।
मैंने कहा- मैं अभी नहीं झड़ा हूँ !
तो जल्दी करो।
मैंने गति तेज़ कर दी और थोड़ी देर बाद मेरे लंड का रस भी भाभी की चूत में गिर रहा था। मुझे बहुत मज़ा आया।
थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे फिर दोनों अलग-अलग हुए। जैसे ही भाभी की चूत से मैंने अपना लंड निकाला, ढेर सारा वीर्य उनकी चूत से बाहर निकलने लगा। चूत से सफ़ेद-सफ़ेद रस बाहर निकलते पहली बार देख रहा था।
मैं और भाभी थक गए थे। वो उठी और मुझे चूम लिया फिर मेरे लंड को चूम कर बोली- थैंक्स निखिल, प्लीज़ मुझे ऐसे ही चोदते रहना, इसके लिए तुम जो भी कहोगे, मैं वो करूँगी।